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SKU: 9789350000892

मुकेश वर्मा की ये कहानियाँ जीवनानुभावों से सींच कर निकली हुई हैं। ऐसा लगता है मानो इन कहानियों के जरिये मुक्तिमार्ग की तलाश पूरी की गयी है। एक हद तक समाज की अलग-अलग विद्रूपताओं और...

  • Book Name: Satkatha kahi Nahin Jati
  • Author Name: Mukesh Verma
  • Product Type: Book
  • ISBN: 9789350000892
Categories:

    मुकेश वर्मा की ये कहानियाँ जीवनानुभावों से सींच कर निकली हुई हैं। ऐसा लगता है मानो इन कहानियों के जरिये मुक्तिमार्ग की तलाश पूरी की गयी है। एक हद तक समाज की अलग-अलग विद्रूपताओं और बिडंबनाओं को अपनी कटहाओं के माध्यम से समझने का आईना है ये कहानियाँ।

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