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SKU: 9788170556763

ISBN: 9788170556763
Language: Hindi
Publisher: Vani Prakashan
No. of Pages: 184
इस संग्रह में उर्दू के कुछ ऐसे शृंखलाबद्ध या प्रबंध-काव्यों का संकलन किया गया है जो लाखों उर्दू पढ़नेवालों में मशहूर हो चुके हैं।...

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ISBN: 9788170556763
Language: Hindi
Publisher: Vani Prakashan
No. of Pages: 184
इस संग्रह में उर्दू के कुछ ऐसे शृंखलाबद्ध या प्रबंध-काव्यों का संकलन किया गया है जो लाखों उर्दू पढ़नेवालों में मशहूर हो चुके हैं। उर्दू की सफल कवितायें प्रायः साँचे में ढली हुई टकसाली बोली का नमूना होती हैं। इस बात पर बहुत कम लोगों का ध्यान गया है कि सरल भाषा और सहज शब्दावली मरियल भाषा नहीं होती,, बड़ी सप्राण भाषा होती है। सहज भाषा में, अनेक शैलियों कि संभावनाएं छुपी हुई हैं। इस पुस्तक कि भाषा में अनेक सिलपट, फुसफूसी, बेजान भदेस, नीरस शैलियों का समावेश है।
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