Deliveries May take longer than usual due to Covid-19 situations and Lockdown imposed in several states.

Shoping Cart

Your cart is empty now.

Shoping Cart

Your cart is empty now.

9788181431592.jpg
Rs. 250.00
SKU: 9788181431592

ISBN: 9788181431592
Language: Hindi
Publisher: Vani Prakashan
No. of Pages: 152
अयोध्या में राम मन्दिर बनाने के प्रश्न पर हिन्दू संगठनों ने जमीन-आसमान एक किया और कार सेवकों ने बाबरी मस्जिद ध्वस्त कर दी। इस...

Categories:
ISBN: 9788181431592
Language: Hindi
Publisher: Vani Prakashan
No. of Pages: 152
अयोध्या में राम मन्दिर बनाने के प्रश्न पर हिन्दू संगठनों ने जमीन-आसमान एक किया और कार सेवकों ने बाबरी मस्जिद ध्वस्त कर दी। इस घटना के बाद देश का सामाजिक वातावरण बदलने लगा। मुम्बई में हुए दंगे, बमविस्फोट, कश्मीर में चल रही आतंकवादी कार्रवाइयाँ, संसद पर हुआ हमला, आदि से देश की शान्ति खतरे में पड़ गयी। राजनीतिक दहशतगर्दी ने इस देश के सौहार्द को खून में डुबो दिया। इस दहशतगर्दी के विरोध में चर्चाएँ शुरू हुईं। राजनीतिक दहशतगर्दी ने पूरे विश्व को ही अपने घेरे में ले लिया। हिन्दू समाज के विषम ताने-बाने और विकृत जाति व्यवस्था का पोस्टमार्टम करने हेतु ‘हिन्दू’ उपन्यास लिखा गया है। इस देश पर जाति व्यवस्था का जो कलंक है, उसे मिटाए बगैर यह देश सुन्दर नहीं हो सकेगा। जाति व्यवस्था के खिलाफ बोलने का अर्थ है राष्ट्रीय एकता की, सौन्दर्य की भाषा बोलना। ‘हिन्दू’ महज एक साहित्यिक कृति नहीं है, अपितु यह लेखक की एक साहित्यिक-सांस्कृतिक भूमिका भी है।
translation missing: en.general.search.loading