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Rs. 150.00
SKU: 9788170556787

ISBN: 9788170556787
Language: Hindi
Publisher: Vani Prakashan
No. of Pages: 166
कविता बड़े साधारण स्वर में आरंभ होती है। जहां तक जनसाधारण और भोले-भाले उन किसानों की भावनाओं को प्रकट किया गया है वहाँ तक...

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ISBN: 9788170556787
Language: Hindi
Publisher: Vani Prakashan
No. of Pages: 166
कविता बड़े साधारण स्वर में आरंभ होती है। जहां तक जनसाधारण और भोले-भाले उन किसानों की भावनाओं को प्रकट किया गया है वहाँ तक कविता प्रायः अतुकांत है। भाषा,शैली, कल्पना और वाक्य के स्तर भी अनपढ़ जनता की साधारण चेतना के निकट हैं। कविता का आरंभिक हिस्सा गद्यात्मक अधिक है और पद्यात्मक कम। प्रस्तुत किताब प्रगतिशीलता साहित्य से प्रेरित नज़र आती है पाठक को भ्गि प्रगतिशील होने का संदेश देती है।
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