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Rs. 300.00
SKU: 9789350728567

ISBN: 9789350728567
Language: Hindi
Publisher: Vani Prakashan
No. of Pages: 134
इस पुस्तक में संकलित कवि कविता के बदलाव के जीवित तथ्य यानि बिम्ब थे। स्व. रामविलास शर्मा की हठवादिता के बावजूद नयी कविता की...

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ISBN: 9789350728567
Language: Hindi
Publisher: Vani Prakashan
No. of Pages: 134
इस पुस्तक में संकलित कवि कविता के बदलाव के जीवित तथ्य यानि बिम्ब थे। स्व. रामविलास शर्मा की हठवादिता के बावजूद नयी कविता की प्रगतिशील धारा के कवि हैं- मुक्तिबोध, शमशेर, त्रिलोचन, नागार्जुन, नामवर सिंह, केदारनाथ अग्रवाल, भवानी प्रसाद मिश्र, केदारनाथ सिंह, दुष्यंत कुमार, रामदारश मिश्र और कीर्ति चौधरी । यही आज -1957 से 2005 तक का मार्कस्वाद और लोकायत दर्शन की बुनियादी कहानी हैं, इतिहास हैं। ‘अस्तित्ववाद’ की चीरफाड़ करने से पहले यही डॉ. रामविलास शर्मा ने सिर्फ दस विशिष्ट कवियों की कविताओं के साथ विष्णुचन्द्र शर्मा, केदारनाथ सिंह, नामवर सिंह, त्रिलोचन,चन्द्र्बली सिंह, हजारी प्रसाद द्विव्व्दि और रामअवध द्विवेदी की टिप्पणियों पर भी गौर किया होता तो अपनी भूलों का इतिहास जरूर लिखते।
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